क्या हम वाकई साथ रह रहे हैं? अपनी खुशियों के लिए दिन के 3 घंटे डिजिटल उपवास (Digital Fasting)

6 PM - 9 PM: अपनों के नाम, डिजिटल शोर को विराम!

msmantra.blogspot.com की एक नई सामाजिक पहल

आज के इस दौर में हम सब एक ही छत के नीचे रहते तो हैं, लेकिन साथ नहीं होते। हर कोई अपने मोबाइल की स्क्रीन में खोया है। इसी को बदलने के लिए msmantra एक मुहिम शुरू कर रहा है—दिन के सिर्फ 3 घंटे अपने परिवार के लिए।

"याद रखिए, नोटिफिकेशन फिर आ सकते हैं, लेकिन बच्चों का बचपन और अपनों का साथ दोबारा नहीं लौटेगा।"

शाम 6 से 9 मोबाइल बंद करने के बड़े फायदे:

1. रिश्तों में नई ऊर्जा: जब स्क्रीन हटती है, तो बातचीत शुरू होती है। आप एक-दूसरे की छोटी-छोटी खुशियों और परेशानियों को समझ पाते हैं।
2. तनाव से मुक्ति: दिन भर की सोशल मीडिया की भागदौड़ से दूर रहने पर दिमाग को असली सुकून मिलता है और मानसिक शांति बढ़ती है।
3. बच्चों के लिए प्रेरणा: आपके बच्चे आपको देखकर सीखेंगे। जब वो देखेंगे कि आप परिवार को प्राथमिकता दे रहे हैं, तो उनके संस्कार मज़बूत होंगे।
4. बेहतरीन नींद: सोने से पहले गैजेट्स से दूरी आपकी 'स्लीप क्वालिटी' को बेहतर बनाती है, जिससे आप अगले दिन तरोताजा महसूस करते हैं।

कैसे जुड़ें इस पहल से?

  • शाम 6 बजे मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर को 'Do Not Disturb' मोड पर डालें।
  • साथ में बैठकर पुरानी यादें ताज़ा करें या बोर्ड गेम्स खेलें।
  • बिना किसी स्क्रीन के साथ में डिनर का आनंद लें।

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