#I SUPPORT SONAM WANGCHUK

सोनम वांगचुक को पूरा समर्थन | लद्दाख को बचाने की लड़ाई

🇮🇳 सोनम वांगचुक को पूरा समर्थन ✊
लद्दाख को बचाने की महायज्ञ में साथ खड़े हों

सोनम वांगचुक सिर्फ़ एक नाम नहीं, एक ज़िंदा मिसाल हैं कि एक व्यक्ति कैसे पूरी सभ्यता को बदल सकता है।
आइस स्टूप के जनक, शिक्षा क्रांति के नायक, जलवायु योद्धा और आज लद्दाख की आज़ादी व सुरक्षा की सबसे बड़ी आवाज़।

सोनम वांगचुक का बचपन और शुरुआती संघर्ष

1 सितंबर 1966 को लद्दाख के छोटे से गाँव अल्ची में जन्मे सोनम को बचपन से ही देखना पड़ा कि उनके गाँव के बच्चे स्कूल में 95% तक फेल हो जाते थे। कारण था – जम्मू-कश्मीर बोर्ड का सिलेबस जो लद्दाख के मौसम, भाषा और संस्कृति से बिल्कुल अलग था। 15-16 साल की उम्र में ही सोनम ने ठान लिया कि वे कुछ करेंगे।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1988 में उन्होंने SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) की नींव रखी। आज SECMOL कैंपस सौर ऊर्जा से चलता है, छात्र खुद खेती-बागवानी करते हैं और पास प्रतिशत 75% से ऊपर पहुँच गया है। आमिर खान की फिल्म 3 Idiots में रैंचो का स्कूल इसी SECMOL से प्रेरित था।

आइस स्टूप – दुनिया को चौंकाने वाली खोज

2013-14 में सोनम ने देखा कि ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं और अप्रैल-मई में जब फसल बोने का समय होता है, गाँवों में पानी की एक बूंद नहीं बचती। सर्दियों में नदियों का पानी बेकार बह जाता था।

सोनम ने फिज़िक्स के साधारण सिद्धांत का इस्तेमाल किया – ऊँचाई पर कम दबाव और कम तापमान में पानी सीधे बर्फ बन जाता है। उन्होंने पाइप से पानी को 50-60 फीट ऊँचाई पर ले जाकर छिड़काव किया। परिणाम – विशाल बर्फ के स्तंभ (Ice Stupa) तैयार हुए जो गर्मियों में धीरे-धीरे पिघलकर 20-25 लाख लीटर पानी देते हैं।

आज लद्दाख में 50 से ज़्यादा आइस स्टूप हैं। यह तकनीक स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, कनाडा, चिली, अंटार्कटिका और किर्गिस्तान तक पहुँच चुकी है। 2016 में उन्हें Rolex Award for Enterprise और 2018 में एशिया का नोबेल कहे जाने वाला Ramon Magsaysay Award मिला।

2019 के बाद लद्दाख का संकट

5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया – बिना विधानसभा के। इसके साथ ही:

  • 5वीं अनुसूची खत्म → आदिवासी इलाकों की संवैधानिक सुरक्षा चली गई
  • ज़मीन कानून बदल गए → कोई भी बाहरी व्यक्ति लद्दाख में ज़मीन खरीद सकता है
  • नौकरियों में स्थानीय आरक्षण खत्म
  • मेगा सोलर प्रोजेक्ट और माइनिंग के नाम पर हजारों एकड़ चरागाह छीने जा रहे हैं

लद्दाख की 97% आबादी अनुसूचित जनजाति (ST) की है। बौद्ध और मुस्लिम दोनों समुदाय एक साथ खड़े होकर कह रहे हैं – हमें 6ठी अनुसूची चाहिए, पूर्ण राज्य का दर्जा चाहिए।

सोनम वांगचुक की ऐतिहासिक लड़ाई (2020-2025)

  • 2020: लद्दाख में पहला बड़ा प्रदर्शन
  • मार्च 2024: 21 दिन का उपवास (6 से 26 मार्च)
  • अक्टूबर 2024: फिर 30 दिन का क्लाइमेट फास्ट
  • फरवरी-मार्च 2025: “दिल्ली चलो पैदल मार्च” – 900 किलोमीटर की यात्रा, लेकिन अंबाला बॉर्डर पर रोक दिया गया

हज़ारों महिलाएँ, बच्चे, बूढ़े – सब सड़कों पर उतरे। सोनम वांगचुक ने कहा – “हम भारत से अलग नहीं होना चाहते, हम तो भारत के संविधान की छठी अनुसूची माँग रहे हैं जो नागालैंड, मिज़ोरम, मेघालय को मिली हुई है।”

6ठी अनुसूची क्यों ज़रूरी है?

छठी अनुसूची आदिवासी इलाकों को विशेष सुरक्षा देती है:

  • ज़मीन बाहरी लोगों को नहीं बेची जा सकती
  • स्थानीय परंपराएँ और संस्कृति सुरक्षित रहती है
  • स्वायत्त जिला परिषद को असली ताकत मिलती है
  • प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय लोगों का हक रहता है

बिना 6ठी अनुसूची के लद्दाख तेज़ी से “दूसरा उत्तराखंड” बनने की राह पर है – जहाँ बाहरी पूँजी और पर्यटन के नाम पर स्थानीय लोग विस्थापित हो रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन से लद्दाख सबसे ज़्यादा प्रभावित

IPCC की रिपोर्ट कहती है कि हिमालयी ग्लेशियर 2050 तक 30-50% तक सिकुड़ जाएँगे। लद्दाख में पिछले 10 साल में:

  • 20% से ज़्यादा ग्लेशियर ख़त्म हो चुके
  • झरने सूख रहे, चश्मे गायब हो रहे
  • बर्फबारी 40% कम हुई

लद्दाख सिर्फ़ एक क्षेत्र नहीं – ये भारत की जल-सुरक्षा का गेटवे है। यहाँ की नदियाँ सिंधु, श्योक, ज़ांस्कर आगे चलकर पाकिस्तान और चीन तक जाती हैं। अगर लद्दाख नहीं बचा तो हिमालय का पूरा जल-तंत्र चरमरा जाएगा।

हम सबका फ़र्ज़ – सोनम वांगचुक के साथ खड़ा होना

यह लड़ाई सिर्फ़ लद्दाख की नहीं है। यह लड़ाई है:

  • जलवायु न्याय की
  • आदिवासी अधिकारों की
  • हमारी आने वाली पीढ़ियों के पानी की
  • भारत के संविधान की आत्मा की

आप अभी क्या कर सकते हैं?

  1. इस पेज को शेयर करें
  2. अपने सांसद/विधायक को ईमेल/पत्र लिखें
  3. सोनम वांगचुक के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें
  4. SECMOL और Ice Stupa प्रोजेक्ट को डोनेट करें → secmol.org
  5. हर पोस्ट में हैशटैग यूज़ करें
#IStandWithSonamWangchuk
#SaveLadakh #SixthScheduleForLadakh
#IceStupa #लद्दाखकोबचाओ
#सोनमवांगचुक #आइसस्टूप

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ